कुरारा (हमीरपुर)। विकास खंड क्षेत्र के ग्राम झलोखर स्थित प्राचीन एवं प्रसिद्ध माँ भुवनेश्वरी (भुइयाँरानी) मंदिर में आषाढ़ माह के प्रथम रविवार को श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही दूर-दराज़ जनपदों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य एवं खुशहाली की कामना की पूरे दिन मंदिर परिसर “जय माँ भुवनेश्वरी” के जयघोष से गुंजायमान रहा। भक्तों ने माँ के दर्शन करने के साथ ही मंदिर परिसर की पवित्र रज (मिट्टी) का श्रद्धापूर्वक लेपन किया। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार इस पावन रज के लेपन से गठिया एवं वात रोगों में लाभ मिलता है, जिसके चलते हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आस्था के साथ पहुंचते हैं मंदिर परिसर में लगे विशाल मेले में भी दिनभर रौनक बनी रही। महिलाओं ने घरेलू उपयोग एवं श्रृंगार की वस्तुओं की खरीदारी की, जबकि बच्चों और युवाओं ने झूलों तथा विभिन्न मनोरंजन साधनों का भरपूर आनंद उठाया। मेले में खानपान की दुकानों पर भी अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली मंदिर की वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार प्रत्येक शनिवार की सायंकाल भव्य भंडारे का आयोजन किया जाता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु शनिवार को ही मंदिर पहुंचकर रात्रि विश्राम करते हैं। रविवार प्रातः माँ के दर्शन-पूजन के बाद श्रद्धालु कंडे-उपलों पर भौरियां बनाकर प्रसाद ग्रहण करते हैं और फिर अपने-अपने घरों को प्रस्थान करते हैं आषाढ़ माह के प्रथम रविवार को आयोजित इस धार्मिक आयोजन ने एक बार फिर क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा को जीवंत कर दिया। श्रद्धालुओं की अपार आस्था, भक्ति और उत्साह से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।
