मौदहा (हमीरपुर)। बीते गुरुवार को सडक हादसे में जान गंवाने वाले जवान का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया जिसके पार्थिव शरीर पर सेना के जवानों ने तिरंगा उढाकर सलामी दी।
अमेठी जिले में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान नफीस उददीन उर्फ़ पिंटू की ड्यूटी पर जाते समय गुरूवार को बांदा क्षेत्र के पास एक भीषण सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि जवान ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान 42 वर्षीय नफ़ीस उद्दीन उर्फ़ पिंटू निवासी मोहल्ला उपरौस मौदहा के रूप में हुई है। वह अमेठी जिले में सीआरपीएफ में हवलदार जी. डी.के पद पर तैनात था और मोहर्रम की छुट्टियां बिताने के बाद गुरुवार को अपनी बुलेट मोटरसाइकिल से वापस अमेठी ड्यूटी पर जाने के लिए निकले थे। इसी दौरान बांदा क्षेत्र के पास उनकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। जिसमें जवान की मौत हो गई और शुक्रवार को उनका पार्थिव शरीर सेना के जवानों द्वारा मौदहा कस्बे पहुंचाया गया जहां पर उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया इस दौरान हर आंख नम हो गई।
। मृतक नफ़ीस उद्दीन अपने पीछे दो बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
नफ़ीस उद्दीन मूल रूप से भमौरा के निवासी थे, हालांकि, वह बचपन से ही अपनी ननिहाल मौदाहा उपरौस स्थित अपने नानी के घर पर रह रहे थे और वहीं से उनका गहरा जुड़ाव था।इसके बाद उन्होंने मौदहा के उपरौस में ही घर खरीद कर बनवा लिया था और यहीं पर रह रहे थे।मौदहा (हमीरपुर)। बीते गुरुवार को सडक हादसे में जान गंवाने वाले जवान का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया जिसके पार्थिव शरीर पर सेना के जवानों ने तिरंगा उढाकर सलामी दी।
अमेठी जिले में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान नफीस उददीन उर्फ़ पिंटू की ड्यूटी पर जाते समय गुरूवार को बांदा क्षेत्र के पास एक भीषण सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि जवान ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान 42 वर्षीय नफ़ीस उद्दीन उर्फ़ पिंटू निवासी मोहल्ला उपरौस मौदहा के रूप में हुई है। वह अमेठी जिले में सीआरपीएफ में हवलदार जी. डी.के पद पर तैनात था और मोहर्रम की छुट्टियां बिताने के बाद गुरुवार को अपनी बुलेट मोटरसाइकिल से वापस अमेठी ड्यूटी पर जाने के लिए निकले थे। इसी दौरान बांदा क्षेत्र के पास उनकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। जिसमें जवान की मौत हो गई और शुक्रवार को उनका पार्थिव शरीर सेना के जवानों द्वारा मौदहा कस्बे पहुंचाया गया जहां पर उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया इस दौरान हर आंख नम हो गई।
। मृतक नफ़ीस उद्दीन अपने पीछे दो बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
नफ़ीस उद्दीन मूल रूप से भमौरा के निवासी थे, हालांकि, वह बचपन से ही अपनी ननिहाल मौदाहा उपरौस स्थित अपने नानी के घर पर रह रहे थे और वहीं से उनका गहरा जुड़ाव था।इसके बाद उन्होंने मौदहा के उपरौस में ही घर खरीद कर बनवा लिया था और यहीं पर रह रहे थे।
